अलंकरण
Wednesday, January 20, 2010
बात करे..........
बात की बात पर याद आया की चलो कुछ बात करे कुछ अपनी कहे कुछ तुम्हारी सुने,
मिल नहीं सकते तो क्या हुआ मिलने की बात करे , और अगर मिलने की बात नहीं कर सकते तो ज्ञान की ही बात करे, अब बहुत हो गया न मिलना न बात करना कुछ तो सोचो, कुछ तो बोलो!!!!!!!!!!!!
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