Monday, February 25, 2013

मुझे यकीन है !

मुझे यकीन है कि .........
अब चुप नहीं रहोगे 
बात पूरी किये बिना 
कुर्सी से नहीं उठोगे !

तुमने देखा था जो सपना 
जो पूरी तरह था,तुम्हारा अपना 
वह सपना अभी अधूरा है 
तुम्हारा लक्ष्य नहीं पूरा है 

यह पूरा होगा तभी 
जब तुम कुछ कहोगे कभी 
अब तो मौन तोड़ो 
राहों को यूँ न मोड़ो 

राहें है पूर्णतया सही 
बस,एक सख्त कदम बढाओ  अभी 
तुमको अंदाज़ा नहीं है ,अपनी शक्ति का 
अन्तर्मन में दबी अग्नि का


तुम्हे अभी अपनों से लड़ना है 
मन के रिश्तों को जोड़ना है 
दिल के रिश्ते टूटेंगे जभी 
एक नई रचना होगी तभी .................................   

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