तो यह जानना जरुरी है कि यह "यह रिश्ता क्या कहलाता है?" केवल मनोरंजन या व्यायाम या खेल-कूद क्या??? हाँ मुझे लगता है कि अगर इनमे से प्रतियोगिता शब्द को हटा दें तो यह मनोरंजन का साधन हो सकता है| एक दूसरी बात और है और वो यह है कि प्रतियोगिता क्या है? और क्यों बनी? और बात- बात पर प्रतियोगिता?? चाहे वाद-विवाद प्रतियोगिता हो या काव्य-पाठ प्रतियोगिता हो या वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता हो | इस प्रतियोगिता ने तो प्राण ही ले लिए मनोरंजन तो गया प्रतियोगिता करने ,अब कहे का खेल और कहे का कूद? इस प्रतियोगिता संस्कृति ने पारिवारिक प्रथा को तोड़ा हा? क्यों कासी कही???
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