आम आदमी
हालात बदलेंगे हम ये संभावना रखते है
उम्मीदे टूटी है पर,हौसला तमाम रखते है
कभी न कभी वह दिन भी आएगा
जब उजाला खुद उजाला मांगने आएगा
लोगों के नज़रिए की हमें परवाह नहीं
आँखों में अपनी हम रवानी रखते है
हजारों की भीड़ में है शामिल, लेकिन
`आम आदमी' की पहचान रखते है ।।
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